उत्तर प्रदेशकानून व्यवस्थाचिकित्सा

जिला स्वास्थय समिति की समीक्षा बैठकों में सीडीओ ने दिए कड़े निर्देश

  • स्वास्थय संबंधी योजनाओं में शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश
  • टीकाकरण से छूटे बच्चों को चिन्हित कर कैम्प के माध्यम से कराया जाए टीकाकरण
  • संचारी रोग, क्षय रोग, आयुष्मान कार्ड एवं जननी सुरक्षा योजना की हुई समीक्षा
  • धीमी प्रगति वाले कार्यों में तेजी लाएं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

सहारनपुर, दिनांक 31 अगस्त, 2026 (सू. वि.)।

जिलाधिकारी श्री अरविन्द कुमार चौहान के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी श्री सुमित राजेश महाजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्वास्थय समिति एवं संचारी रोग रोकथाम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न स्वास्थय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थय सेवाओं में सुधार लाते हुए योजनाओं में शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी ने विगत बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालन आख्या की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की जानकारी लेते हुए लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की गहन समीक्षा करते हुए संचारी एवं वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने टीकाकरण के प्रति लोगों में जागरूकता एवं संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने 12 से 23 माह आयु वर्ग के बच्चों के टीकाकरण की ब्लॉकवार समीक्षा की तथा टीकाकरण से छूटे बच्चों को चिन्हित कर विशेष कैम्प आयोजित करते हुए उनका टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।

मुख्य विकास अधिकारी ने राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित गतिविधियों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयुष्मान कार्ड की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाने में तेजी लाने तथा आवश्यकतानुसार डिलीटिशन की कार्रवाई नियमानुसार करने को कहा। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की प्रत्येक स्तर पर निरंतर समीक्षा करने तथा पात्र लाभार्थियों को योजना का समय से लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जनपद में होने वाले घरेलू प्रसवों की गोपनीय जांच कराने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संस्थागत प्रसव को हर हाल में बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम डैशबोर्ड पर स्वास्थय संकेतकों की रैंकिंग की लगातार निगरानी करते हुए कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती शिवांका गौड, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री दुर्गेश प्रताप सिंह सहित चिकित्सकगण, एमओआईसी, सीडीपीओ उपस्थित रहे।

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